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नई दिल्ली/नैनीताल- ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में उत्तराखंड में शैक्षणिक सुविधाओं के विकास और केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही वित्तीय सहायता को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने बीते तीन वर्षों में शिक्षा सुविधाओं पर हुए खर्च और भविष्य की योजनाओं का ब्यौरा मांगा। अतारांकिक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने जवाब में बताया कि उत्तराखंड में शिक्षा सुविधाओं के विकास के लिए समग्र शिक्षा, पीएम श्री और उल्लास जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत सहायता दी जा रही है। पीएम श्री योजना के तहत उत्तराखंड के 241 स्कूलों का चयन किया गया है।

मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच उत्तराखंड में समग्र शिक्षा के तहत करीब 2,042 करोड़ रुपये, पीएम श्री योजना में करीब 155 करोड़ रुपये और उल्लास योजना के तहत करीब 4 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

इन योजनाओं के तहत स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं, विज्ञान व कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल, आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं के विकास के साथ विद्यार्थियों को निःशुल्क वर्दी-पाठ्यपुस्तक और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, समान और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।

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