अब संकेत यह है कि जीरो-कोविड नीति हटने के बाद संक्रमण तेजी से फैला। लेकिन ओमिक्रोन के जिस सब-वैरिएंट से यह लहर आई, वह जानलेवा नहीं है। इस वजह से लोग बीमार पड़े, अस्पतालों में भीड़ लगी, लेकिन धीरे-धीरे लोग ठीक होने लगे। चीन से अब आ रही खबरों से यह नहीं लगता कि कुछ […]
जोशीमठ आपदा : सार्थक हल निकलने की उम्मीद
जटिल समस्या, कठिन समाधान
‘बेशर्म रंग’ की राजनीति
महिलाओं का संकट और उनकी रोजी-रोटी
अजय दीक्षित जलवायु परिवर्तन का प्रभाव विभिन्न समूहों और समुदायों में महसूस किया जाता है। हालांकि, यह प्राकृतिक संसाधनों पर भारी निर्भरता, उच्च गरीबी स्तर, बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच की कमी आदि के कारण महिलाओं के लिए आनुपातिक रूप से अधिक है । बाढ़-सूखे जैसी चरम जलवायु घटनाओं का गरीब महिलाओं पर अधिक प्रभाव पड़ेगा, […]
भारत जोड़ो यात्रा : सफलता-विफलता के बीच
डॉ. अजय तिवारी सामाजिक-राजनीतिक जीवन में बदलाव की आहट बहुत-से रूपों में निलती है। एक धारणा के अनुसार कुछ राजनीतिज्ञ ‘मौसम विज्ञानी’ होते हैं। आने वाले बदलाव की आहट सबसे पहले पा जाते हैं, और समय रहते पाला बदल लेते हैं। इसलिए सरकारें बदलती हैं, लेकिन वे मंत्रिमंडल में सुशोभित रहते हैं। लेकिन बुद्धिजीवियों को […]
दिल्ली का श्रद्धा काण्ड
बिजली क्षेत्र में संकल्पित प्रयासों से प्रदेश बना सरप्लस स्टेट
-प्रद्युम्न सिंह तोमर उपलब्धियों और नवाचारों का एक वर्ष प्रदेश में सुचारू बिजली प्रदाय सुनिश्चित करने सरकार कृत संकल्पित है। पिछले वर्षों में बिजली उपलब्धता में वृद्धि के लिये किये गये प्रयासों से प्रदेश बिजली के क्षेत्र में सरप्लस स्टेट बन गया है। वर्तमान में प्रदेश की बिजली उपलब्ध क्षमता 22 हजार 730 मेगावाट है। […]
