Headline
‘सेवा सेतु’ शिविर में 645 ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ
‘सेवा सेतु’ शिविर में 645 ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ
रामदेव और बृजभूषण के बीच विवाद खत्म, मुलाकात में दूर हुई गलतफहमी
रामदेव और बृजभूषण के बीच विवाद खत्म, मुलाकात में दूर हुई गलतफहमी
स्टॉकिंग और साइबर स्टॉकिंग से बचाव के लिए डिजिटल सतर्कता जरूरी: कुसुम कंडवाल
स्टॉकिंग और साइबर स्टॉकिंग से बचाव के लिए डिजिटल सतर्कता जरूरी: कुसुम कंडवाल
प्रदेश के 20 हजार 67 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन” कार्यक्रम
प्रदेश के 20 हजार 67 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन” कार्यक्रम
देहरादून में 29 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला, 18 कंपनियां 904 पदों पर करेंगी भर्ती
देहरादून में 29 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला, 18 कंपनियां 904 पदों पर करेंगी भर्ती
कोटद्वार में लगा पोषण मेला, ऋतु खण्डूडी भूषण ने गर्भवती महिलाओं की कराई गोद भराई
कोटद्वार में लगा पोषण मेला, ऋतु खण्डूडी भूषण ने गर्भवती महिलाओं की कराई गोद भराई
उत्तराखंड में वोटर लिस्ट को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, वैध मतदाता का नाम कटा तो होगा सीधा ऐक्शन
उत्तराखंड में वोटर लिस्ट को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, वैध मतदाता का नाम कटा तो होगा सीधा ऐक्शन
नौ माह का प्रशिक्षण पूरा कर पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए 15 आरक्षी, पुलिस लाइन में पासिंग आउट सेरेमनी
नौ माह का प्रशिक्षण पूरा कर पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए 15 आरक्षी, पुलिस लाइन में पासिंग आउट सेरेमनी
पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कोई भी बालिका शिक्षा से न रहे वंचित- डीएम
पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कोई भी बालिका शिक्षा से न रहे वंचित- डीएम

CM धामी ने प्रदेशवासियों को दी हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं

देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी भी देश की भाषा ही उसकी संस्कृति एवं परम्पराओं से जोड़ने में मददगार होती है।

हिन्दी मात्र भाषा ही नही है बल्कि हमारी सभ्यता व संस्कृति की भी पहचान है। हिन्दी देश की एकता एवं अखंडता का भी आधार है। हिंदी एक उदार, ग्रहणशील और सहिष्णु भाषा तो है ही, ये भारत की राष्ट्रीय चेतना की संवाहिका भी है। यह हमारी परंपराओं और हमारी विरासत का बोध कराने वाला एक सतत अनुष्ठान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी वैचारिक निष्ठा हिन्दी के प्रति रही है। आज आधिकारिक मंचों से लेकर शिक्षा तक में हिंदी को अभूतपूर्व स्थान दिया जा रहा है। हिंदी के गौरव को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। हिंदी के विकास के लिए जब हम सभी मिलकर कार्य करेंगे, तभी हिन्दी को अपेक्षित सम्मान प्राप्त होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top