Headline
12 दिन बाद धौलीगंगा नदी किनारे मिला लापता चालक हवलदार पंकज रुधौला का शव
12 दिन बाद धौलीगंगा नदी किनारे मिला लापता चालक हवलदार पंकज रुधौला का शव
डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
सीएचसी कांडा में व्यवस्थाओं का जायजा, डीएम ने दिए सख्त सुधार के निर्देश
सीएचसी कांडा में व्यवस्थाओं का जायजा, डीएम ने दिए सख्त सुधार के निर्देश
देवभूमि की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री
देवभूमि की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री
आईटी पार्क के लिए बनेगा वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान, डीएम ने दिए सर्वे के निर्देश
आईटी पार्क के लिए बनेगा वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान, डीएम ने दिए सर्वे के निर्देश
रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण
रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.5 लाख विद्यार्थियों ने दिए सुझाव
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.5 लाख विद्यार्थियों ने दिए सुझाव
दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, पिछले 14 दिन में सामने आए 433 नए मामले
दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, पिछले 14 दिन में सामने आए 433 नए मामले
क्या आपको भी लगती है सुबह उठते ही तेज भूख? तो जान लीजिये इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें
क्या आपको भी लगती है सुबह उठते ही तेज भूख? तो जान लीजिये इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें

प्राइवेट स्कूलों में बोर्ड पैटर्न पर होने वाली पांचवी-आठवीं परीक्षा पर हाईकोर्ट की रोक

भोपाल। प्राइवेट स्कूलों में बोर्ड पैटर्न पर होने वाली पांचवीं-आठवीं की परीक्षा पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग नीतियों को गलत माना है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2021-22 से सरकारी स्कूलों में पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा शुरु की है। वर्ष 2022-23 से इनमें प्राइवेट स्कूलों को भी शामिल करने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने सत्र शुरु होने के बाद 12 सितम्बर 2022 को पत्र जारी किया था। साथ ही कहा कि प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को अद्र्धवार्षिक परीक्षा के  बीस फीसदी अंक वार्षिक परीक्षा से जुड़ेंगे।

अद्र्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा एनसीईआरटी यानि मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के सिलेबस पर होंगी। प्राइवेट स्कूलों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि बोर्ड परीक्षा का आदेश सत्र शुरु होने के बाद आया है। दूसरा मप्र के सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी यानि मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम व अधिकांश प्राइवेट स्कूलों में एनसीआरटी का सिलेबस लागू होता है। दोनों सिलेबस में हिंदी, हिंदी स्पेशल व संस्कृत की किताबें अलग-अलग हैं। इसे लेकर प्राइवेट स्कूल संचालक संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस. के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी का सिलेबस लागू होता है। इन्हीं किताबों से बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

अब एनसीईआरटी सिलेबस पर परीक्षा होगी, तो इसमें बच्चों में भ्रम पैदा होगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने प्राइवेट स्कूलों की बात नहीं मानी। वह मनमानी कर परीक्षा कराने पर अड़ा रहा। इसे लेकर प्राइवेट स्कूलों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता संस्था के सदस्य स्कूलों में एससीईआरटी सिलेबस से बोर्ड परीक्षाएं करवाने पर रोक लगा दी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एक सिलेबस से पढ़ाई वाले स्कूल में  दूसरे सिलेबस के बोर्ड परीक्षा करवाने के शिक्षा विभाग के आदेश को अवैध ठहरा दिया। मतलब साफ है कि मध्यप्रदेश अशासकीय विद्यालय परिवार संस्था के सदस्य स्कूलों में अब एससीईआरटी सिलेबस से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं नहीं करवानी होगी।

कोर्ट ने कहा कि अगर बोर्ड परीक्षा लेनी ही है तो याचिकाकर्ता स्कूलों में पढ़ाए जा रहे सिलेबस के आधार पर ही ली जाए। हालांकि हाईकोर्ट ने ये राहत सिर्फ याचिकाकर्ता यानि मध्यप्रदेश अशासकीय विद्यालय परिवार के सदस्य स्कूलों को दी है। संस्था के सचिव जुगल मिश्रा ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग से ये अपेक्षा जताई है कि वो प्रदेश के सभी स्कूलों को राहत दें और एनसीईआरटी सिलेबस वाले स्कूलों में दूसरे सिलेबस से बोर्ड परीक्षा लेने के आदेश रद्दे कर दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top