Headline
देहरादून में जिला योजना समिति के नवनिर्वाचित सदस्यों को मिले प्रमाण पत्र
देहरादून में जिला योजना समिति के नवनिर्वाचित सदस्यों को मिले प्रमाण पत्र
ऐतिहासिक डोला-पालकी आंदोलन के द्वारा समाज में अलख जगाने का काम किया कर्मवीर जयानंद भारती ने: महाराज
ऐतिहासिक डोला-पालकी आंदोलन के द्वारा समाज में अलख जगाने का काम किया कर्मवीर जयानंद भारती ने: महाराज
अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने धामी सरकार को घेरा, 22 अक्टूबर से निकालेगी न्याय यात्रा
अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने धामी सरकार को घेरा, 22 अक्टूबर से निकालेगी न्याय यात्रा
बांग्लादेश में कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा, 33,851 पंडालों में हो रहे आयोजन
बांग्लादेश में कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा, 33,851 पंडालों में हो रहे आयोजन
ज्यादा सफेद चावल खाने से बढ़ सकती हैं सेहत से जुड़ी परेशानियां, जानें किन बातों का रखें ध्यान
ज्यादा सफेद चावल खाने से बढ़ सकती हैं सेहत से जुड़ी परेशानियां, जानें किन बातों का रखें ध्यान
210 करोड़ की अवैध संपत्ति के आरोपों पर मंत्री रेखा आर्या का पलटवार, बोलीं— सभी आरोप निराधार, जांच के लिए तैयार
210 करोड़ की अवैध संपत्ति के आरोपों पर मंत्री रेखा आर्या का पलटवार, बोलीं— सभी आरोप निराधार, जांच के लिए तैयार
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा, ‘रणबाली’ ने भी पकड़ी रफ्तार; जानें ‘दृश्यम 3’ समेत बाकी फिल्मों की कमाई
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा, ‘रणबाली’ ने भी पकड़ी रफ्तार; जानें ‘दृश्यम 3’ समेत बाकी फिल्मों की कमाई
बुक्सा जनजाति बहुल गांवों को शत-प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश
बुक्सा जनजाति बहुल गांवों को शत-प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश

भारत सरकार ने 5 साल के लिए बढ़ाया खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस पर बैन

नई दिल्ली। भारत सरकार ने खालिस्तान समर्थक समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ पर पांच साल के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया है. केंद्र सरकार ने सिख फॉर जस्टिस (SFJ) को UAPA के तहत अगले पांच सालों के लिए प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए की ओर से की गई जांच में मिले नए सबूतों के आधार पर लिया गया है. ये सबूत एसएफजे और उसके संरक्षक गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ जुटाए गए हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सिख्स फॉर जस्टिस और अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज कर रखे हैं. पिछले साल एजेंसी ने पंजाब और चंडीगढ़ में उसकी संपत्तियों को भी अपने कब्जे में ले लिया था। इससे पहले भारत सरकार ने 2019 में सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगाया था. अब अगले 5 साल तक गृह मंत्रालय ने और प्रतिबंध बढ़ाया है।

गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि एसएफजे भारत की आंतरिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त रहा है. मंत्रालय ने कहा कि एसएफजे की गतिविधियों में देश की शांति, एकता और अखंडता को बाधित करने की क्षमता है. एसएफजे पर आतंकवादी संगठनों के साथ घनिष्ठ संपर्क में रहने और भारत संघ के क्षेत्र से एक संप्रभु खालिस्तान बनाने के लिए पंजाब और अन्य जगहों पर उग्रवाद और हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है. मंत्रालय ने आरोप लगाया कि खालिस्तान समर्थक संगठन भारतीय भूभाग के एक हिस्से को भारत से अलग करने की गतिविधियों को प्रोत्साहित और सहायता कर रहा है. गुरपतवंत सिंह पन्नू को 2020 में केंद्र द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया था. वह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापकों में से एक है और अमेरिका, कनाडा और यूके में सिखों के लिए एक अलग राज्य, जिसे वे खालिस्तान कहते हैं, की सक्रिय रूप से पैरवी करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top