Fake Paneer & Adulterated Milk in Dehradun: बाजार में मिलावटी और नकली डेयरी उत्पादों को लेकर लगातार सामने आ रहे मामलों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। कुछ समय पहले सेलाकुई क्षेत्र में पुलिस और खाद्य सुरक्षा टीम की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर बरामद किया गया था। जांच में यह पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा गया पाया गया और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया। बाद में इसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया था।
इस कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया था कि कुछ लोग बिना वैध लाइसेंस के डेयरी उत्पादों की सप्लाई कर रहे थे। वहीं एक अन्य मामले में नकली पनीर और दही की सप्लाई करने वाले गिरोह का भी खुलासा हुआ, जो अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे उत्पाद पहुंचा रहा था।
हालांकि ये घटनाएं कुछ समय पुरानी हैं, लेकिन इससे यह साफ संकेत मिलता है कि मिलावटखोरी का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन लोग इस तरह के अपराध को अंजाम दे रहे हैं और कैसे ये नेटवर्क अब तक सक्रिय हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां आमतौर पर अवैध सप्लाई चेन और बिना लाइसेंस काम कर रहे लोगों के जरिए संचालित होती हैं, जहां मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जाता है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि डेयरी उत्पाद खरीदते समय सतर्क रहें। पनीर की पहचान के लिए उसे हाथ से मसलकर देखें—असली पनीर आसानी से टूटता है, जबकि नकली पनीर रबर जैसा खिंच सकता है। इसके अलावा पानी में उबालने या आयोडीन टेस्ट से भी मिलावट का पता लगाया जा सकता है।
गंध और स्वाद भी एक महत्वपूर्ण संकेत हैं—अगर पनीर से तेज या अजीब गंध आए, तो उसका सेवन करने से बचना चाहिए।
ऐसे मामलों के बीच यह जरूरी हो जाता है कि उपभोक्ता जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी संबंधित विभाग को दें, ताकि इस तरह के नेटवर्क पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
