कांग्रेस ने स्वर्गीय ब्रह्मदत्त, गुलाब सिंह, नवप्रभात व प्रीतम को बनाया मंत्री
कोरोना काल में भाजपा देगी जौनसार-पछवादून को देगी कोई तोहफा
अविकल उत्तराखंड ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में जब-जब भाजपा सरकार ने राज किया। जौनसार-पछवादून के हाथ कुछ खास नही लगा। जबकि कांग्रेस ने इस पिछड़े जौनसार को जनजातीय इलाका घोषित करने के अलावा पार्टी के नेताओं को मंत्री व अहम पदों पर बैठाया।
इधर, कोरोना काल में लंबे समय से मंत्रियों के तीन खाली पद भरे जाने की चर्चाएं नए सिरे से गर्म है।
बहुप्रतीक्षित सम्भावित कैबिनेट फेरबदल में भाजपा के कई वरिष्ठ विधायक लाइन में है। हरबंस कपूर, बिशन सिंह चुफाल के अलावा जौनसार भाबर इलाके के भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान का नाम भी4 सुर्खियों में है।

उत्तराखंड में भाजपा सरकार आने पर जौनसार भाबर -पछुआदून को तवज्जो नही मिल पाई। जबकि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के समय इस इलाके के दिग्गज नेता गुलाब सिंह जी तिवारी मंत्रिमंडल में पर्यटन मंत्री रहे। राज्य बनने के बाद उनके पुत्र प्रीतम सिंह 2002 से 07 तक कैबिनेट मंत्री और फिर 2012 से 17 तक विजय बहुगुणा और हरीश सरकार में मंत्री रहे। यही नहीँ जौनसार भाबर को तवज्जो देते हुए कांग्रेस ने प्रीतम को प्रदेश अध्यक्ष की गद्दी भी सौंपी।
यही नही, टिहरी संसदीय सीट से चुनाव जीते ब्रह्मदत्त तो इंदिरा सरकार में महत्वपूर्ण पेट्रोलियम विभाग के मंत्री रहे। जौनसार भाबर व पछुवादून टिहरी संसदीय सीट का अहम हिस्सा है। जौनसार भाबर से सटे विकासनगर इलाके से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते नवप्रभात भी तिवारी और फिर हरीश सरकार में मंत्री रहे। यही नही अविभाजित उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने 1991 के विधानपरिषद चुनाव में नवप्रभात को टिकट दिया। नवप्रभात चुनाव जीत उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी बने।
हालांकि, इस पिछड़े इलाके में भाजपा की कोई खास घुसपैठ नही थी। लेकिन इस इलाके में मुन्ना चौहान जौनसार के प्रीतम सिंह और पछवादून के नवप्रभात के लिए चुनौती बने रहे। चौहान इस इलाके में एक तीसरी राजनीतिक ताकत के तौर पर जाने गए। उनकी पत्नी मधु चौहान देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।

अविभाजित उत्तरप्रदेश में चकराता विधानसभा में सहसपुर, विकासनगर और मसूरी विधानसभा का कुछ हिस्सा शामिल था। राज्य बनने के बाद विकासनगर और सहसपुर अलग विधानसभा बनी।
2007 व 2017 में भाजपा के टिकट पर मुन्ना सिंह चौहान विकासनगर से चुनाव जीते। लेकिन भाजपा के मंत्रिमण्डल में इस इलाके को कोई तवज्जो नही मिली। अपनी पार्टी से नाराज होकर मुन्ना ने तो खंडूड़ी के शासन में 2009 में भाजपा विधायकी से इस्तीफा दे सनसनी मचा दी थी।

एक बार फिर 2017 में जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया। चौहान विकासनगर से भाजपा विधायक हैं। इससे पहले मुन्ना चौहान उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए 1991 की राम लहर में और 1996 में क्रमश: जनता दल और सपा के टिकट पर चकराता विधानसभा से चुनाव जीते थे।

हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भी मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा की है। लेकिन अहम सवाल यह है कि केंद्र मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र को विस्तार की हरी झंडी देता भी है या नही। कोरोना संकट में कई विभागों के बोझ तले दबे मुख्यमन्त्री मंत्रिमंडल विस्तार पर केंद्र को मना ले गए तो जौनसार भाबर को भी तोहफा मिल सकता है।
