Headline
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना बने भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

नई दिल्ली। भारत के सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने 11 नवंबर को राष्ट्रपति भवन में भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का कार्यकाल मुख्य न्यायाधीश के रूप में छह महीने का रहेगा।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में उनके नाम का प्रस्ताव किया था। चंद्रचूड़ 9 नवंबर, 2022 से अपनी सेवा देने के बाद 10 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए हैं।

कौन हैं संजीव खन्ना?
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का जन्म 14 मई, 1960 को हुआ। उन्होंने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल के साथ वकील के रूप में अपना कानूनी करियर शुरू किया। उन्हें संवैधानिक कानून, कराधान, मध्यस्थता, वाणिज्यिक कानून और पर्यावरण कानून का व्यापक अनुभव है। उनके पिता न्यायमूर्ति देस राज खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे, जबकि उनकी मां सरोज खन्ना दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज में हिंदी की लेक्चरर थीं।

करियर में प्रमुख उपलब्धियां
2004 में उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का स्थायी वकील (सिविल) नियुक्त किया गया।
2005 में न्यायमूर्ति खन्ना को दिल्ली उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया।
2006 में वे स्थायी न्यायाधीश बने।
18 जनवरी, 2019 को न्यायमूर्ति खन्ना सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

महत्वपूर्ण फैसले
न्यायमूर्ति खन्ना ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी, जिससे केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार करने का अवसर मिला। इसके अलावा, एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में न्यायमूर्ति खन्ना ने पीएमएलए के तहत जमानत देने के आधार के रूप में कार्यवाही में देरी को एक वैध आधार माना था। यह फैसला दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से जुड़े एक मामले में दिया गया था।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का यह कार्यकाल न्यायपालिका और संवैधानिक मामलों में नए दृष्टिकोण और योगदान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top