Headline
युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें- रेखा आर्या
युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें- रेखा आर्या
मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल- 2026 में सीएम धामी ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान
मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल- 2026 में सीएम धामी ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान
एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से लापता युवक का शव किया बरामद
एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से लापता युवक का शव किया बरामद
राखी के कारोबार से आत्मनिर्भर बन रहीं देहरादून की महिलाएं
राखी के कारोबार से आत्मनिर्भर बन रहीं देहरादून की महिलाएं
रुद्रप्रयाग में गैस उपभोक्ताओं को मिली राहत, ई-केवाईसी के लिए 23 अगस्त तक बढ़ी तारीख
रुद्रप्रयाग में गैस उपभोक्ताओं को मिली राहत, ई-केवाईसी के लिए 23 अगस्त तक बढ़ी तारीख
कंघी करते ही गुच्छों में निकल रहे बाल? जानें हेयर फॉल के पीछे छिपे बड़े कारण
कंघी करते ही गुच्छों में निकल रहे बाल? जानें हेयर फॉल के पीछे छिपे बड़े कारण
कानून व्यवस्था मजबूत करने को जिला बदर की कार्रवाई, छह अपराधियों पर छह माह की रोक
कानून व्यवस्था मजबूत करने को जिला बदर की कार्रवाई, छह अपराधियों पर छह माह की रोक
अलास्का में बड़ा विमान हादसा, 8 लोगों की मौत
अलास्का में बड़ा विमान हादसा, 8 लोगों की मौत
सोने-चांदी के भाव में फिर उछाल, MCX पर सोना ₹1.59 लाख के पार
सोने-चांदी के भाव में फिर उछाल, MCX पर सोना ₹1.59 लाख के पार

प्रधानमंत्री मोदी आज राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का करेंगे शुभारंभ 

राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का उद्देश्य सभी लोकसेवकों के बीच आजीवन शिक्षण को बढ़ावा देना है 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में कर्मयोगी सप्ताह यानी राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य सभी लोकसेवकों के बीच आजीवन शिक्षण का बढ़ावा देना और उन्हें खुद को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जुड़ना सिखाना है। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में नई गति प्रदान करने वाला, अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा।

यह पहल सीखने और विकास के लिए एक नई प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का उद्देश्य एक सरकार का संदेश देना भी है। पीएमओ के मुताबिक, यह कार्यक्रम व्यक्तिगत प्रतिभागियों और मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के जुड़ाव के विभिन्न रूपों के माध्यम से सीखने के लिए समर्पित होगा। इस दौरान प्रत्येक कर्मयोगी कम से कम 4 घंटे की योग्यता-आधारित शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। प्रतिभागी आईजीओटी मॉड्यूल और प्रख्यात व्यक्तियों की तरफ से आयोजित वेबिनार आदि के माध्यम से लक्षित घंटे पूरे कर सकते हैं।

मिशन कर्मयोगी की शुरुआत सितंबर 2020 में हुई थी और तब से इसमें उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ भारतीय लोकाचार में निहित भविष्य के अनुकूल सिविल सेवा की कल्पना की गई है। इस दौरान, मंत्रालय, विभाग और संगठन क्षेत्र-विशिष्ट दक्षताओं को बढ़ाने के लिए सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top