Headline
‘जेलर 2’ की बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत, पहले दिन ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘जेलर 2’ की बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत, पहले दिन ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
तय समय में सड़कें गड्ढामुक्त न होने पर गढ़वाल आयुक्त सख्त
तय समय में सड़कें गड्ढामुक्त न होने पर गढ़वाल आयुक्त सख्त
देहरादून के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क का ‘डेड जोन’ होगा खत्म, 19 शैडो एरिया पर विशेष फोकस
देहरादून के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क का ‘डेड जोन’ होगा खत्म, 19 शैडो एरिया पर विशेष फोकस
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान

घर से निकाले बुजुर्गों को मिली राहत, डीएम कोर्ट ने रद्द की गिफ्ट डीड

घर से निकाले बुजुर्गों को मिली राहत, डीएम कोर्ट ने रद्द की गिफ्ट डीड

3080 वर्ग फीट सम्पति पुनः बुजुर्ग दम्पति के नाम

देहरादून— एक संवेदनशील मामले में बुजुर्ग दंपति को उनकी संपत्ति वापस दिलाते हुए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने न्याय का सशक्त उदाहरण पेश किया है। अपने बेटे द्वारा गिफ्ट डीड के तहत मिली संपत्ति पर कब्जा कर उन्हें घर से निकालने के मामले में डीएम ने न सिर्फ गिफ्ट डीड को रद्द किया बल्कि संपत्ति को पुनः बुजुर्ग दंपति के नाम दर्ज करने का आदेश भी पारित कर दिया।

दरअसल, बुजुर्ग परमजीत सिंह ने अपनी 3080 वर्गफुट की संपत्ति — जिसमें दो बड़े हॉल शामिल हैं — गिफ्ट डीड के माध्यम से अपने बेटे गुरविंदर सिंह के नाम कर दी थी। डीड में स्पष्ट शर्तें थीं कि बेटा अपने माता-पिता का भरण-पोषण करेगा, उनके साथ रहेगा, और बच्चों को दादा-दादी से मिलने से नहीं रोकेगा। परंतु, संपत्ति अपने नाम होते ही बेटे ने इन शर्तों का उल्लंघन करते हुए माता-पिता को न सिर्फ घर से निकाल दिया, बल्कि पोते-पोतियों को भी उनसे मिलने से रोक दिया।

इस अमानवीय व्यवहार से आहत बुजुर्ग दंपति ने जब तहसील, थाना और अवर न्यायालय में न्याय न मिलने पर डीएम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, तो उन्हें पहली ही सुनवाई में राहत मिल गई। डीएम बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी किए और सार्वजनिक सूचना भी प्रसारित की। बावजूद इसके, न तो गुरविंदर सिंह ने आपत्ति जताई और न ही न्यायालय में प्रस्तुत हुए।

पर्याप्त अवसर और वैध स्पष्टीकरण के बावजूद अनुपस्थिति को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने गिफ्ट डीड को रद्द कर संपत्ति पुनः बुजुर्ग दंपति के नाम दर्ज करने का आदेश पारित किया। आदेश सुनते ही न्यायालय में मौजूद बुजुर्ग दंपति की आंखों से आंसू छलक पड़े।

भरण-पोषण अधिनियम की विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए डीएम ने यह फैसला सुनाया और सामाजिक कर्तव्य से विमुख व्यवहार पर सख्त संदेश दिया कि माता-पिता के साथ अन्याय किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस निर्णय से न केवल परमजीत सिंह और अमरजीत कौर को इंसाफ मिला, बल्कि समाज को भी एक मजबूत संदेश गया कि बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन तत्पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top