उत्तर प्रदेश। गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के नवयुग मार्केट स्थित बलिदान पथ पर हिन्दू साम्राज्य दिवस उत्सव (ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी) के पावन अवसर पर हिन्दवी स्वराज्य के महान शिल्पकार, धर्मरक्षक, राष्ट्रनायक एवं हिन्दू हृदय सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 353वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में निरंजन पीठाधीश्वर, श्री श्री 1008 आचार्य महामण्डलेश्वर परम पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति एवं पावन सानिध्य प्रदान किया। छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिन्दवी स्वराज्य की स्थापना कर सनातन धर्म, राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा का जो अद्वितीय आदर्श स्थापित किया, वह आज भी सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणा का अमर स्रोत है। उनका जीवन अदम्य शौर्य, अद्वितीय नेतृत्व, न्यायपूर्ण शासन, नारी सम्मान, धर्मरक्षा तथा राष्ट्रसमर्पण का अनुपम उदाहरण है।
समारोह में राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उदयशील ग्रुप लिमिटेड के चेयरमैन श्री लालित लाम्बा ने की। समारोह में छत्रपति शिवाजी महाराज के राष्ट्रनिर्माण, हिन्दवी स्वराज्य की स्थापना, सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा तथा सनातन धर्म के संरक्षण में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से विचार व्यक्त किए गए।
अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में निरंजन पीठाधीश्वर, श्री श्री 1008 आचार्य महामण्डलेश्वर परम पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन केवल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के भारत के लिए भी मार्गदर्शक है। उन्होंने अपने पराक्रम, नीति, संगठन शक्ति और अटूट धर्मनिष्ठा से यह सिद्ध किया कि राष्ट्र की आत्मा उसकी संस्कृति और धर्म में निहित होती है। निरंजन पीठाधीश्वर, श्री श्री 1008 आचार्य महामण्डलेश्वर परम पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने सभी से आह्वान किया कि शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्रभक्ति, धर्मरक्षा, सामाजिक समरसता, सेवा और संस्कारों को अपने जीवन का आधार बनाएं तथा एक सशक्त, संगठित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
