Headline
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 बड़े नेताओं को फांसी की सजा
बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 बड़े नेताओं को फांसी की सजा
तमिलनाडु में सीएम विजय की टिप्पणी को लेकर विवाद, डीएमके के ए राजा समेत तीन नेताओं पर केस
तमिलनाडु में सीएम विजय की टिप्पणी को लेकर विवाद, डीएमके के ए राजा समेत तीन नेताओं पर केस
पटना में छात्रों का प्रदर्शन, अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
पटना में छात्रों का प्रदर्शन, अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा
पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला
पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला

गर्मी के साथ बढ़ रहा जंगलों में आग का खतरा

गर्मी के साथ बढ़ रहा जंगलों में आग का खतरा

देहरादून : गर्मी अपना दम दिखाना शुरू कर चुकी है। गर्मी बढने के साथ साथ जंगलो में आग लगने का खतरा बढने लगा है। ये वनाग्नि सिर्फ जलवायु को ही नहीं बल्कि जंगली जीव जन्तुओ और वन संपंदा को भी प्रभावित करते है।

इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों और विभागीय सचिवों के साथ वर्चुअल बैठक कर वनाग्नि प्रबंधन और चारधाम यात्रा की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में उपकरणों और संसाधनों की समुचित व्यवस्था की जाए, साथ ही स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और मोबाइल गश्ती टीमों के सहयोग से त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग और जिला प्रशासन को समन्वय बनाकर वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी। संवेदनशील क्षेत्रों में टीमें तैनात कर उनकी सतत मॉनिटरिंग की जाए। मोबाइल गश्ती दल सक्रिय किए जाएं और सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर हर छोटी-बड़ी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह न केवल एक धार्मिक आस्था का विषय है, बल्कि इससे हजारों लोगों की आजीविका भी जुड़ी है। उन्होंने सभी विभागों और प्रशासनिक इकाइयों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, यात्री सुविधाएं, ट्रैफिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहनी चाहिए।

वनाग्नि से हो रहा है करोड़ों का नुकसान: गौरतलब है कि उत्तराखंड में हर साल सैकड़ों हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ जाते हैं। 2023 में अकेले गर्मियों के मौसम में 1,000 से अधिक वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनसे करीब 1,800 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गए थे। इससे न केवल वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हुआ, बल्कि कार्बन उत्सर्जन और ग्लोबल वॉर्मिंग पर भी गंभीर असर पड़ा

जनसहयोग से ही बनेगा समाधान: मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने, सूचनाओं को तुरंत साझा करने और वन संपदा को बचाने के लिए स्थानीय समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय सहित सभी जिलाधिकारी उपस्थित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top