Headline
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया

समलैंगिक शादी में पत्नी कौन होगा, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पूछा

नई दिल्ली। समलैंगिक मैरिज को मान्यता देने वाली 20 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में छठे दिन सुनवाई हुई। खबर लिखे जाने तक सुनवाई जारी थी। सुनवाई के दौरान केंद्र का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पूछा कि समलैंगिक विवाह में पत्नी कौन होगा, जिसे भरण-पोषण का अधिकार मिलता है। गे या लेस्बियन मैरिज में पत्नी किसे कहेंगे। इस पर सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर यह जिक्र सेम सेक्स मैरिज में लागू करने के लिए किया जा रहा है तो इसके मायने हैं कि पति भी रखरखाव का दावा कर सकता है, लेकिन अपोजिट जेंडर वाली शादियों में यह लागू नहीं होगा।

उच्चतम न्यायालय में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर हो रही सुनवाई के बीच कल केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा था कि विवाह संस्था जैसा महत्वपूर्ण मामला देश के लोगों द्वारा तय किया जाना है और अदालतें ऐसे मुद्दों को निपटाने का मंच नहीं हैं। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि वह इस मामले को ‘सरकार बनाम न्यायपालिका’ का मुद्दा नहीं बनाना चाहते हैं। वैसे आज कोर्ट में सुनवाई सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस रवींद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली की संवैधानिक बेंच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top