Headline
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: ब्रेकथ्रू हुई 10 किमी लंबी दूसरी सबसे बड़ी टनल
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: ब्रेकथ्रू हुई 10 किमी लंबी दूसरी सबसे बड़ी टनल
ग्रास्टनगंज, कुम्भीचौड़ एवं सनेह-लालपानी में 2.64 किमी मोटर मार्गों का होगा कायाकल्प- ऋतु खण्डूड़ी भूषण
ग्रास्टनगंज, कुम्भीचौड़ एवं सनेह-लालपानी में 2.64 किमी मोटर मार्गों का होगा कायाकल्प- ऋतु खण्डूड़ी भूषण
बीकेटीसी बोर्ड बैठक में अहम फैसले, द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज
बीकेटीसी बोर्ड बैठक में अहम फैसले, द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज
जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन से शोक की लहर,मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख
जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन से शोक की लहर,मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख
गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आमने-सामने आए मंत्री और याचिकाकर्ता
गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आमने-सामने आए मंत्री और याचिकाकर्ता
केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक किया निरीक्षण
केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक किया निरीक्षण
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन पर बीकेटीसी का फोकस
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन पर बीकेटीसी का फोकस
ग्वीनखाल इंटर कॉलेज में किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट और नशे से बचाव की दी जानकारी
ग्वीनखाल इंटर कॉलेज में किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट और नशे से बचाव की दी जानकारी

महिला हो या पुरुष अब अमर्यादित कपड़े पहनकर इन दो मंदिरों में नहीं कर सकेंगे प्रवेश

मंदिरों में मर्यादा को बनाए रखने के लिए कपड़ों की मर्यादा जरूरी- श्रीमहंत रविंंद्रपुरी महाराज

देहरादून। कांवड़ मेला शुरू होने से पहले पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की ओर से हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर और ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। हाफ पैंट, फटी जींस, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। मर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों को ही मंदिर में प्रवेश कर दर्शन करने की अनुमति होगी।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंंद्रपुरी महाराज ने कुछ दिन पहले इन दोनों मंदिरों में अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। कहा था कि मंदिरों में मर्यादा को बनाए रखने के लिए कपड़ों की मर्यादा जरूरी है। बृहस्पतिवार से दोनों मंदिरों में ड्रेस कोड को लागू करते हुए बैनर लगा दिए गए हैं। महिला हो या पुरुष अब अमर्यादित कपड़ों में इन मंदिरों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि शालीनतापूवर्क व संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों में साइन बोर्ड लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं के शरीर 80 फीसदी तक ढके होने चाहिए। कहा कि देश के अधिकांश मंदिर चाहे वह संतों के हो या फिर अन्य कमेटी, सरकार के ट्रस्ट के अधीन हो सभी ने इस फैसले का स्वागत किया है। बताया कि दक्षिण भारत के कई मंदिरों में ड्रेस कोड पहले से लागू है। उत्तराखंड तीर्थों का प्रदेश है यहां भी इसकी जरूरत थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top