Headline
पेट रोज साफ नहीं होता? कब्ज समझकर न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
पेट रोज साफ नहीं होता? कब्ज समझकर न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
13 सितंबर को देहरादून में होंगी सीडीएस, एनडीए एवं एनए की परीक्षाएं
13 सितंबर को देहरादून में होंगी सीडीएस, एनडीए एवं एनए की परीक्षाएं
देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन
देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन
ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री
ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का ट्रेलर हुआ जारी, जानिये कब और कहां देख सकेंगे वेब सीरीज
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का ट्रेलर हुआ जारी, जानिये कब और कहां देख सकेंगे वेब सीरीज
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात
आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज के दौरान कोई परेशानी हो तो सीएमओ से करें संपर्क
आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज के दौरान कोई परेशानी हो तो सीएमओ से करें संपर्क
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मिले लेखक मुकेश लाल
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मिले लेखक मुकेश लाल
महिला एशिया कप 2026- बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंचा भारत
महिला एशिया कप 2026- बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंचा भारत

केदारनाथ में खुले में रात बिता रहे तीर्थ यात्री, दर्शन को लंबा इंतजार

[ad_1]

देहरादून । चारधाम यात्रा उमड़ रहे श्रद्धालुओं की भारी संख्या से धामों मेें इंतजाम चरमरा गए हैं। केदारनाथ में तो कई यात्री लॉज, दुकानों के आगे या खुले में रात बिताने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं बदरीनाथ में किए जा रहे मास्टर प्लान के कारण भी यात्रियों को ठहरने की दिक्कत हो रही है। केदारनाथ में सरकारी और निजी मिलाकर कुल सात हजार यात्रियों के ठहरने का इंतजाम है। लेकिन वहां रोजाना 15 से 18 हजार यात्री पहुंच रहे हैं। इसलिए सैकड़ों यात्री होटल, लॉज की गैलरी, दुकानों तक में रुकने को मजबूर रहना पड़ रहा है। 

राजस्थान के सोनाजी, कोलकाता के कजारीराम, दिल्ली के त्रिभुवन कुमार, महाराष्ट्र के सुजीदेव ने बताया कि केदारनाथ में होटल, लॉज भी नहीं मिल पाए। सरकारी टैंट कालोनी में भी जगह नहीं मिली। एक तीर्थपुरोहित से बाहर गैलरी में सोने की अनुमति मांगी। जिन यात्रियों को रात में रुकने की जगह नहीं मिल पा रही है। वे होटल, लॉज स्वामियों की खुशामद करते नजर आ रहे हैं।

दर्शन को करना पड़ रहा लंबा इंतजार
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में छह से आठ हजार यात्री प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। गंगोत्री धाम में पांच हजार यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। यमुनोत्री धाम में सिर्फ 200 लोगों के ही ठहरने की व्यवस्था है। यहां यात्रियों को रात्रि विश्राम के लिए जानकीचट्टी और बड़कोट आना पड़ता है।

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में सुबह ही यात्री दर्शन को पहुंच रहे हैं। घंटों लाइन में लगकर भक्त धामों के दर्शन कर रहे हैं। 
वहीं, केदारनाथ में दर्शनों के लिए भी करीब चार घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। क्षमता से अधिक यात्री पहुंचने से ठहरने और खाने पीने के लिए परेशानी हो रही है। उधर, डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि, यात्रियों को क्षमता के अनुरूप ही गौरीकुंड से आगे भेजने का प्रयास किया जा रहा है। 



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top