Headline
आज गैरसैंण पहुंचेगी धामी सरकार,7 हजार करोड़ के बजट पर चर्चा, कांग्रेस ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
आज गैरसैंण पहुंचेगी धामी सरकार,7 हजार करोड़ के बजट पर चर्चा, कांग्रेस ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
हल्द्वानी में ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में शामिल हुए सीएम धामी, बोले— देवभूमि की अस्मिता की रक्षा सरकार का संकल्प
हल्द्वानी में ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में शामिल हुए सीएम धामी, बोले— देवभूमि की अस्मिता की रक्षा सरकार का संकल्प
धामी सरकार में सचिवालय की बढ़ेंगी सुविधाएं, 59.34 करोड़ से बन रहा छह मंजिला भवन
धामी सरकार में सचिवालय की बढ़ेंगी सुविधाएं, 59.34 करोड़ से बन रहा छह मंजिला भवन
सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच: गणेश जोशी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच: गणेश जोशी
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में ‘क्रिसेण्डो-2026’ का आगाज, आयुक्त दीपक रावत ने किया शुभारंभ
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में ‘क्रिसेण्डो-2026’ का आगाज, आयुक्त दीपक रावत ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में किया प्रतिभाग, विजेता धावकों को किया पुरस्कृत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में किया प्रतिभाग, विजेता धावकों को किया पुरस्कृत

गोवा में ईंधन की बढ़ती कीमतों से मछली उद्योग हुआ प्रभावित

पणजी। देश के विभिन्न शहरों में 100 रुपए प्रति लीटर का आंकड़ा पार चुके ईंधन के दामों ने गोवा के मछली को उद्योग को प्रभावित किया है और व्यापार को चालू रखने के लिए हितधारक राज्य तथा केन्द्र सरकारों से राहत की मांग कर रहे हैं।गोवा पर्स सीन बोट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षद कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमत और अन्य लागत के कारण 42-45 प्रतिशत नौकाओं को परिचालन बंद करने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने चेताया कि अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है तो और नौकाओं का भी यही हाल होगा।

अखिल भारतीय मछुआरा मंच ने केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला से मुलाकात करके समस्याओं को उनके समक्ष रखा और कहा कि डीजल की कीमतों के कारण बहुत दबाव है। मंच के सदस्यों ने पैट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी भेंट करके स्थिति से अवगत करायी । उन्होंने श्री पुरी से कहा,  महंगाई के कारण हम व्यापार नहीं कर पा रहे हैं। सदस्यों ने कहा कि ईंधन के दामों में बढ़ोत्तरी उस वक्त देखी जा रही है जब उद्योग दो साल से चल रही कोरोना महामारी के कारण हुए नुकसान से उभरने की कोशिश कर रहा है।

धोंड ने कहा,महामारी के कारण निर्यात कम है और आम आदमी की खर्च करने की क्षमता पर भी असर पड़ा है। हमपर दोहरी मार पड़ी है। आपूर्ति और मांग दोनों पर प्रभाव पड़ा है। हमने सरकार से इससे निपटने के लिए कुछ करने की मांग की है, अन्यथा यह क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित होगा।उच्च ईंधन कीमत से मछलियों के दामों पर भी प्रभाव पड़ा है। हमारी लागत खर्च भी बढ़ा है। मैं राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं की देर होने से पहले वह कुछ प्रयास करें वरना नाव चलाना घाटे का सौदा होगा।उन्होंने बताया कि मूल्य वर्धित कर (वैट) की अदायगी पिछले दो वर्षों से लंबित थी।

उन्होंने कहा, हमें अदायगी दो वर्ष पहले मिली थी और उसके बाद से हम इसके लिए इंतजार कर रहे हैं। गोवा फिशिंग बोट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जोस फिलिप डीसुजा ने कहा, यह गोवा के लोगों पर बड़ा बोझ है। सरकार कम से कम पेट्रोल-डीजल पर वैट हटा सकती है।नेशनल फिशवर्कर्स फोरम के महासचिव ओलेन्सियो सिमोस ने कहा कि मछवारों ने थोक खरीदारी में 23 रुपए की बढोतरी के कारण थोक में पेट्रोल-डीजल खरीदना बंद कर दिया है।उन्होंने कहा,हम खुदरा तौर पर ईंधन खरीद रहे हैं, लेकिन उससे ईंधन को लाने और ले जाने का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। हम भारी समस्या का सामना कर रहे हैं।

सिमोस ने कहा, केंद्रीय पैट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वादा किया है कि वह मछली पकडऩे के उद्योग में उपयोग किए जाने वाले ईंधन पर उत्पाद शुल्क और वैट को हटाने की मांग पर विचार करेंगे। गुजरात और महाराष्ट्र में बढ़ी कीमतों ने भी उद्योग पर असर डाला है। उन्होंने कहा कि छोटे मछुआरे को एक बार समुद्र में जाकर मछली पकडऩे में 5,000 रुपए का खर्च आ रहा है और वह इससे अधिक लाभ नहीं पा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top